पीलिया क्या है: कारण, लक्षण, उपाय व पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों आज के इस लेख में हम पीलिया के बारे में जानेंगे कि पीलिया क्या है किस कारण से होता है, इसके लक्षण क्या है और हम अपना बचाव कैसे कर सकते हैं। पीलिया एक ऐसा रोग है जो किसी को भी अंदर से कमजोर बना देता है। पीलिया को अंग्रेज़ी में “jaundice” कहते हैं। आमतौर पर ये बीमारी आपको बच्चो को देखने को मिलेगी लेकिन कुछ मामले ऐसे भी है जब बड़ो को भी हो जाती है तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते है।

पीलिया क्या है?

पीलिया एक ऐसा रोग है बिलीरुबिन नामक पदार्थ के कारण एक इंसान के शरीर में होता है। ये बीमारी रक्त और ऊतकों में होती है जब लीवर मे रक्त कोशिकाएं टूटने लगती है। इसके साथ साथ जब आपकी त्वचा पर आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाता है तो उसे पीलिया कहते हैं। इस स्थिति मे शरीर के द्रव्य भी पीले पर जाते हैं।

पीलिया के कारण

अब हम जानेंगे कि पीलिया की बीमारी किस किस कारण से होती है।

जब हमारे खून मे बिलीरुबिन की मात्रा 2.5 से ज्यादा हो जाती है तो लीवर की गंदगी साफ करने की प्रक्रिया रुक जाती है और इसी कारण से पीलिया की बीमारी इंसान के शरीर में होती है।

प्री-हिपेटिक पीलिया लाल खून कोशिकाओं के तुरंत टूटने से बिलीरुबिन की मात्रा में वृद्धि के कारण होता है। इसके पीछे काफी दिनों तक मलेरिया, थैलासीमिया, स्किल सेल एनीमिया, गिल्बर्ट सिंड्रोम और अन्य कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में शरीर में एसिडिटी के बढ़ जाने, ज्यादा शराब पीने, अधिक नमक और तीखे पदार्थों के सेवन से भी पीलिया हो जाता है।

पीलिया के लक्षण

पीलिया का सबसे मुख्य लक्षण आंखो और त्वचा  के सफेद हिस्सों का पीला हो जाना।

• आंखो का पीला होना।

• बुखार आना।

• वजन मे गिरावट।

• उल्टी होना।

• चक्कर आना।

• भूख ना लगना।

• शरीर में जलन।

• गहरे रंग की मूत्र।

• सर दर्द होना।

• कब्ज आना

• पेट में दर्द होना।

किसी अन्य  मामलों में अगर आपको खुजली है तो ये भी पीलिया का ही एक लक्षण है। अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ और फुर्तीला रखना चाहते हैं तो अपने लीवर को स्वस्थ रखिए। स्वस्थ रखने के लिए शराब से दूरी बनाए, पौष्टिक आहार का सेवन शुरू करें।

पीलिया की जांच

पीलिया की जांच के लिए पेट व लीवर पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है और जांच की जाती है  पीलिया कितनी गंभीर बीमारी है इसका पता परीक्षण के बाद ही निर्धारित किया जाता है।

सबसे पहले लीवर का जांच कर के देखा जाता है कि लीवर ढंग से काम कर रहा है ये नहीं अगर जांच में कुछ पाता नहीं चलता तो उसके बाद खून का परीक्षण किया जाता है ताकि बिलीरुबिन के स्तर की जांच हो सके और खून की संरचना का पता लगाया जा सके। इनमे से परीक्षण कुछ इस प्रकार हैं आइए जान लेते हैं

• बिलीरुबिन टेस्ट।

• हेपेटाइटिस ( ए, बी, और सी ) का परीक्षण।

• कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट।

• सिटी स्कैन।

• पेट का अल्ट्रासाउंड।

• MRI स्कैन।

एक बात का अवश्य ख्याल रखे अगर आपको पहले से पीलिया है तो आप रक्तदान बिल्कुल भी ना करें।

पीलिया से बचने का उपाय

अगर शरीर पीलिया से बचाव करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने लीवर को मजबूत बनाना पड़ेगा क्योंकि ये बीमारी सबसे पहले वहीं से शुरू होती है उसके लिए आपको बाहर का खाना, फास्ट फूड, ऑयली खाने और मसालेदार खाने को ना करना होगा। उसके अलावा कुछ और तरीके हैं जिसको फॉलो कर के आप अपने लीवर की सुरक्षा कर सकते हैं।

• नियमित आहार लें अच्छे से अच्छा और हरी सब्जियों का सेवन करें।

• शराब को हाथ बिल्कुल ना लगाए ये सीधा आपके लीवर पर ही असर करती है और आपके लीवर को कमजोर बनाती है।

• साफ व स्वच्छ पानी का ही सेवन करें।

• जब पीलिया की बात आती है तो इंसान को एक काम और करना चाहिए वो है योग क्यूंकि ये बहुत ही विशेष और महत्वपूर्ण है इसके अलावा ज्यादा मेहनत ना करें आराम करें।

पीलिया का इलाज में फायदेमंद

पीलिया का प्राकृतिक इलाज करने के लिए आप निम्न चीजों का सेवन करना शुरू कर दें जिसमें आपको पीलिया जैसी बीमारी से निजात मिल सके।

• गन्ने के जूस

आप आज ही से गन्ने के जूस का सेवन शुरू कर दीजिए क्यूंकि ये आपके लीवर को मजबूत बनाने के लिए काफी ज्यादा सहायक है।

• बकरी का दूध

गाय के दूध की तुलना में बकरी का दूध पचाने में ज्यादा आसान होता है। इसलिए बच्चो से लेकर बड़ो तक पीलिया होने पर बकरी के दूध का ही सेवन करे। ये भी काफ8 मददगार साबित होगा।

• अदरक का सेवन शुरू करिए

अगर आप पीलिया में अदरक का सेवन शुरू करते हैं तो यह आपके लिए काफी असरदार होगा क्योंकि अदरक में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जोकि लीवर के लिए राम बाण इलाज है। अदरक का सेवन आप खाने में और चाय मे डाल कर ले सकते हैं।

आंवला

आंवला मे विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की मात्र ज्यादा होती है जो पीलिया से निपटने में काफी सहायक साबित होता है। इसका सेवन करने से आपके लीवर की कार्यप्रणाली अपने आप विकसित होती जाती है।

• लहसुन, दही, टमाटर का सेवन रोजाना करिए

अदरक के साथ-साथ लहसुन टमाटर यह दोनों भी एंटी ऑक्सीडेंट है और पीलिया से लड़ने में शरीर को काफी मदद करते है इसका सेवन आप नियमित रूप से करिए। पीलिया मे दही का सेवन भी लाभदायक सिद्ध होता है क्यूंकि प्रोबायोटिक्स प्रतिरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करता है।

FAQ

पीलिया के क्या लक्षण है?

अगर किसी व्यक्ति के सर में दर्द बुखार, उल्टी,दस्त, भूख कम लगना आदि जैसी समस्या है तो यह पीलिया के लक्षण हो सकते हैं।

पीलिया रोग होने के कारण क्या है?

पीलिया रोग मुख्यता दूषित पानी दूध अथवा भोजन का सेवन करने से या फिर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से हो सकती है।

पीलिया रोग में क्या खाएं

पीलिया रोग को खत्म करने के लिए छाछ का सेवन मूली का रस नीम की पत्ती आदि जैसी चीजों का सेवन करना लाभदायक माना गया है।

Conclusion

आज के इस लेख में हमने आपको पीलिया क्या है इससे संबंधित पूरी जानकारी देने की भरपूर कोशिश की है हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया अगर पसंद आया हो तो इन्हें अपने मित्रों वह सगे संबंधियों के साथ अवश्य शेयर करें क्योंकि सेहत का ख्याल रखना हर एक की जिम्मेदारी है और सब स्वस्थ रहें यही हमारी कामना है।

नमस्कार दोस्तों, मैं Sandeep Singh, Technical Sandy(टेक्निकल सैंडी) का Technical Author & Founder हूँ। Education की बात करूँ तो मैं एक बी.कॉम Graduate हूँ। मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है। मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। :) #We Technical Sandy Team Support DIGITAL INDIA

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